सम्यक ध्यानम्

भाव से विचार पैदा होते हैं, विचार एक्शन में परिवर्तित होता है,एक्शन हमारी आदत बन जाते हैं, आदत से हमारे चरित्र का निर्माण होता है और ये चरित्र हमारे मानसिक, सामाजिक, आर्थिक व आध्यात्मिक विकास की आधारशिला है। यह एक सार्वभौमिक सत्य है। अगर हम किसी भी स्तर पर विकास करना चाहते हैं, तो हमें भाव के स्तर पर काम करना पड़ेगा। इसे एक उदाहरण से समझते हैं - अगर एक व्यक्ति अपने माता-पिता, भाई-बहन का सहयोग नहीं करता तो वह कभी भी एक अच्छा टीम प्लेयर नहीं बन सकता ।

सम्यक ध्यानम्, ध्यान की ही एक वैज्ञानिक विधि है, जिसमें भाव के स्तर पर काम किया जाता है। कई वैज्ञानिक रिसर्चों में यह देखने को मिला है कि ध्यान से मानव के ब्रेन की वर्किंग में पॉजिटिव परिवर्तन आता है, जो हमें जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करता है।


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आचार्य पवनजी

आचार्य पवनजी (बी.एस.सी,एम.ए.,बी.एड.,एम.बी.ए.) एक साइंटिफिक मैडिटेशन गुरु हैं जिन्होंने अपने गुरुजनों के सानिध्य व मार्ग दर्शन में एक वैज्ञानिक ध्यान विधि सम्यक ध्यानम् विकसित की है। आचार्य जी 10 से 12 वर्षो तक अनेक मर्मग्य मनस्विद, मनो-विज्ञानी, मनोचिकित्सक, आयुर्वेदाचार्य, प्रोफेसर, फिजियोथेरेपिस्ट एवं योगिओ के संपर्क में रहे और वेदशास्त्र, योगशास्त्रों व विविध स्वास्थ्य विज्ञानों का अध्ययन किया।


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सम्यक ध्यानम् क्यों?

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